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प्रधानमंत्री मोदी का संसद में पहला भाषण

लोकसभा में पहली बार बोलते पीएम मोदी

लोकसभा में पहली बार बोलते पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को सशक्त बनाने गांव के जीवन को बदलने और कौशल विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी पक्षों से व्यवस्था में बदलाव लाने में सहयोग करने की अपील की। मोदी ने आज लोकसभा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रपति के मुख से निकले शब्द उनकी सरकार के लिये पवित्र बंधन है और उन्हें पूरा करने में उनकी ओर से कोई कोताही नहीं होगी।

 उन्होंने कहा कि मंहगाई मिटाना और गरीब से गरीब व्यक्ति को उसकी कठिनाइयों से निजात दिलाने के लिये उनकी सरकार हर संभव प्रयास करेगी क्योंकि अंत्योदय का कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है।

 उन्होंने राजनेताओं से बलात्कार के प्रति रवैये में बदलाव लाने की अपील करते हुए कहा कि हम सभी को इस तरह की दुखद घटनाओं का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करना बंद करना होगा। ऐसा करके हम मां-बहनों की मर्यादा के साथ खिलवाड़ करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी का सम्मान और सुरक्षा देश के सवा करोड़ लोगों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

 मोदी ने कहा कि चर्चा के दौरान यह बात बार-बार सामने आयी कि अभिभाषण में जो सपने दिखाये गये हैं उन्हें पूरा कैसे किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की चिंता का उठना स्वाभाविक है क्योंकि अभी तक ऐसा नहीं हो सका है लेकिन सवा करोड़ के इस देश में यदि प्रयास किए जाएं तो कुछ भी संभव है, लेकिन इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

 पिछले आम चुनाव में भाजपा को शानदार सफलता दिलाने के बाद पहली बार लोकसभा को संबोधित कर रहे मोदी आत्मविश्वास भरे नजर आए। उन्होंने कहा कि सवा करोड़ देश के भारत की ताकत को विश्व के सामने हमें रखना है और हमें आंख में आंख डालकर और सीना तान कर विश्व के लोगों को भारत की ताकत बतानी होगी।

 मोदी ने उनकी सरकार को पांच साल के लिये स्पष्ट जनादेश देने के लिए जनता के प्रति आभार जताया और सदस्यों को याद दिलाया कि चुनाव जीतने के बाद वे जनता की उम्मीदों के दूत और रखवाले बन गए हैं और अब उन्हें जनता के लिए काम करना होगा।

 मोदी ने व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत की पहचान स्कैम इंडिया के रूप में बन गई है, जिसे हमें स्किल इंडिया में बदलना होगा। हमारी सरकार कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

मोदी ने सवालिया लहजे में पूछा कि आखिर देश पर पहला हक किसका होना चाहिए। सरकार किसके लिए होनी चाहिए। क्या सरकार सिर्फ गिने चुने लोगों के लिए होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं दुरुस्त करने की वकालत करते हुए कहा कि देश पर पहला हक गरीबों का है। सरकार का दायित्व है कि वह गरीबों की सुने और गरीबों के लिए जिए। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा राष्ट्र क्यों नहीं बन सकता जहां से शिक्षक बाहर भेजे जाएं।

प्रधानमंत्री ने गांव के जीवन स्तर में सुधार लाने और शहर जैसी सुविधा उपलब्ध कराने की भी वकालत की। उन्होंने सिक्किम का उदाहरण देते हुए कहा कि इस पूर्वोत्तर राज्य ने खुद को ऑर्गेनिक प्रदेश के रूप में विकसित करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि क्या हम ऐसे ही विभिन्न क्षेत्रों में अपना वर्चस्व बनाकर विश्व बाजार पर कब्जा जमाने में सक्षम नहीं हो सकते। उन्होंने इसके लिए विशेष इच्छाशक्ति की आवश्यकता जताई।

कौशल विकास के मामले में उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथ में हूनर देने की आवश्यकता है। सिर्फ प्रमाणपत्र देने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि साथ ही कुशल कारीगरों और मजदूरों के प्रति सामाजिक दृष्टि भी बदलनी पड़ेगी।

प्रधानमंत्री ने साफ किया कि किसी एक जगह का विकास मॉडल दूसरी जगह के लिए पिंट नहीं बैठता और उन्हें यह देखकर संतोष होता है कि गुजरात मॉडल की तरह ही विभिन्न राज्यों ने अपने मॉडल की बात भी शुरू कर दी है। वह राज्यों के बीच विकास की स्पर्धा को देखकर प्रफुल्लित हैं। ऐसी स्पर्धा न केवल राज्य सरकारों के बीच बल्कि राज्यों और केंद्र के बीच भी होनी चाहिए।

मोदी ने जहां वर्षा जलसंचयन के मामले में तमिलनाडु मॉडल की प्रशंसा की, वहीं जनवितरण प्रणाली के मामले में छत्तीसगढ़ के मॉडल की भी सराहना की। उन्होंने इस अवसर पर केरल मॉडल का भी उल्लेख किया।

अल्पसंख्यकों के कल्याण की बात करते हुए मोदी ने कहा कि ऐसा केवल तुष्टीकरण के लिए नहीं, बल्कि सरकार को अपने दायित्व निर्वहन के रूप में की जानी चाहिए। उन्होंने संख्या बल पर इतराकर अलग-थलग चलने के बजाय विभिन्न दलों को साथ में लेकर चलने को भी अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार किया।

लोकसभा के अलावा मोदी ने राज्यसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करते हुए जवाब दिया। मोदी ने सभी को साथ लेकर चलने की बात कही। मोदी ने कहा कि उनका लक्ष्य एक मजबूत भारत बनाना है।

Content courtesy- http://khabar.ibnlive.in.com/

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