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रेल किराये में भी महंगाई- अच्छे दिनों से पहले महंगे दिन

अच्छे दिनो से पहले महंगे दिन

अच्छे दिनो से पहले महंगे दिन

अच्छे दिन लाने के वादे के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार ने देश की जनता को महंगाई का जबरदस्त झटका दिया है.  सभी श्रेणियों के यात्री किराये में 14.2 प्रतिशत और माल भाड़े में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि की है. किराये भाड़े में यह बढ़ोतरी 25 जून से प्रभावी होगी.

रेलवे की किराया वृद्धि के बारे में आज की घोषणा के तहत इस बारे में 16 मई के फैसले को ही बहाल किया गया है. तब लोकसभा चुनाव परिणाम आने के दिन किराया वृद्धि की घोषणा की गई थी लेकिन तुरंत उस पर अमल को रोक दिया गया था.

बढ़े किराये पर रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने दलील दी है कि मुझे मजबूरी में अंतरिम बजट का प्रस्ताव लागू करना पड़ा. ये अंतरिम बजट यूपीए सरकार का था.

बढ़े किराये पर विपक्ष का हमला———————-

रेल किराये में बढ़ोतरी के साथ ही मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। सभी दलों ने सरकार के इस फैसला का पुरजोर विरोध किया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि ये मोदी सरकार के अच्छे दिनों की शुरुआत है। किसने क्या कहा, पढ़ें-

लालू प्रसाद यादव, आरजेडी अध्यक्ष

रेल भाड़ा बढ़ाने से सब चीज का भाड़ा बढ़ेगा। हमने पांचों साल भाड़ा नहीं बढ़ाया था। मैं इस चीज की निंदा करता हूं। ये देशवासियों को समझना चाहिए कि अभी तो बजट बाकी है। अभी सुई दिया गया है, ऑपरेशन बाकी है। जब तक अपनी कमाई नहीं बढ़ाओगे तो यात्री का खून चूसने से क्या होगा।

मनीष तिवारी, नेता कांग्रेस

जो लोग अब सरकार में हैं, जब वो विपक्ष में थे तो इनकी तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आती थी। सरकार में आते ही पहला काम इन्होने आम आदमी पर भार डाला है। एक तरफ महंगाई आसमान छू रही है। ये किस तरह की संवेदनशील सरकार है। इनका चाल, चलन और चरित्र में फर्क लोगों के सामने आ रहा है।

नरेश अग्रवाल, नेता सपा

ये अच्छे दिन आने की शुरुआत है। अब तो लग रहा है बजट में भी भारी वृद्धि होगी। सरकार महंगाई नहीं रोक पाएगी। बीजेपी की आपसी लड़ाई है कि सरकार फैसले नहीं ले पा रही है। हमने भी उत्तर प्रदेश का बजट पेश किया, हमने कोई टैक्स नहीं लगाया। ये तो महंगाई लाने का तरीका है।

वृंदा कारत, नेता सीपीएम

इतने सालों तक किसी की हिम्मत नहीं हुई ऐसे किराया बढ़ाने की। ये जन विरोधी नीति है। हम इसकी निंदा करते हैं। पार्लियामेंट को बायपास किया गया है। हमने सबको आह्वान किया है कि इसका विरोध करें।

नीतीश कुमार, जेडीयू नेता

जो कुछ भी करना चाहिए था बजट में करना चाहिए था। बजट पूर्व रेल भाड़ा बढ़ाने की गलत परंपरा का पालन करना उचित नहीं है। ये बढ़ी बढ़ोतरी है, साधारण बढ़ोतरी नहीं है। संसद और रेल बजट के दौरान इसे कहना चाहिए था। मुझे भी पांच बार रेल बजट रखने का तजुर्बा है। इस तरह का काम नहीं किया कभी। इससे महंगाई बढ़ेगी।

पहले ही सरकार ने दे दिए थे संकेत………………………………

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले सरकार ने रेल किराये बढ़ाने के संकेत दे दिए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि अच्छे दिन लाने के लिए कुछ कड़वे फैसले लेने जरूरी है. रेलवे के बढ़े हुए किराए में फ्यूल एडजस्टमेंट चार्ज शामिल है.

रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने गुरुवार को वरिष्ठ रेल अधिकारियों के एक सम्मेलन में किराये में बढ़ोतरी के बारे में कहा था कि तीन-चार दिन में किसी निष्कर्ष पर पहुंच जायेंगे. लेकिन आज ही सरकार ने किराया बढ़ा दिया.

नकदी संकट से जूझ रहे रेल बोर्ड ने यात्री किराये में 14.2 प्रतिशत तथा माल भाड़े में 6.5 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया था. रेलवे में एफडीआइ के सवाल पर गौड़ा ने कहा था कि, ‘हमारे पास संसाधनों की कमी है. यह सारी दुनिया जानती है. इसलिए रेलवे की शीर्ष प्राथमिकता के रूप में कुछ संसाधन जुटाने होंगे.’

courtesy- http://aajtak.intoday.in/

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