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व्यापम घोटाला – गोलमाल है भई सब गोलमाल है

vyapam_22614vyapam-logoवर्ष 2009 के बाद मानों जैसे घोटालों की बरसात हो गई है। अब व्यापमं घोटाले के रूप में एक और महा घोटाला सामने आया है। पड़ताल के मुताबिक व्यापमं दो हजार करोड़ रुपए का घोटाला है। कॉमनवेल्थ, टूजी, आदर्श आदि ऐसे घोटाले हैं जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। आपको बता दें कि हजारों करोड़ों रुपए के घोटाले हुए यदि इसका 20 प्रतिशत भी देश के विकास में खर्च होता तो देश की सूरत कुछ और ही होती। कुछ ऐसी जानकारीं मिलीं हैं जो आपको वाकई चौकां देंगी।

मध्य प्रदेश परीक्षा मंडल घोटाला करीब दो हजार करोड़ रुपए का है। इतनी बड़ी रकम का यह घोटाला मध्य प्रदेश का अभी तक का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है। यह इतनी बड़ी रकम है कि मध्य प्रदेश के ही नहीं बल्कि देश के कई वंचित लोगों को उनका वाजिब हक दिलाया जा सकता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस घोटाले में भाजपा व आरएसएस के कई दिग्गज़ शामिल हैं। अभी तक जिनका नाम सामने आ चुका, इसके बावाजूद इसके आगे भी कई और खुलासे हो सकते हैं। जानकारी में पाया गया है कि मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल के तहत शैक्षिक स्तर पर बेरोजगार युवकों की भर्तियों, मेडिकल कॉलेज प्रवेश परीक्षा, इंजीनियरिंग भर्ती परीक्षा से लेकर, दुग्ध संघ में कर्मचारियों की भर्ती को मिलाकर करीब दो हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है।

हुईं सिफारिशें, खिलाई गई- घूस व्यापमं नाम के इस घोटाले में सत्ता पक्ष से लेकर व्यावसायिक व सत्ता पर पकड़ रखने वाले तथा मंत्रियों के करीबियों ने मध्य प्रदेश व्यावयसायिक परीक्ष मंडल के तहत आयोजित की गईं प्रतियोगी परिक्षाओं में सफल होने के लिए केवल सिफारिशें ही नहीं लगाईं बल्कि लाखों-करोड़ों रुपए की घूंस भी खिलाई गई।

बरबाद हुआ कइयों का भविष्य- इन सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वालों में हजारों ऐसे भी छात्र थे जिन्होंने खूब मेहनत करके आगे बढ़ने के सपने देखे थे। लेकिन कुछ चुनिंदा व प्रभावशाली लोगों की वजह से इन सभी का भविष्य खराब ही नहीं हुआ बल्कि इनके सपनें भी टूट गए।

शिवराज सरकार की साख पर सवाल– मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों में भर्ती और सरकारी कॉलेजों में एडमिशन में हुआ घोटाला अब प्रदेश सरकार के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है. विधानसभा में भारी जीत के बाद तीसरी बार सत्ता में आई शिवराज सिंह चौहान सरकार को विधानसभा के पहले ही सत्र में विपक्ष ने इसी घोटाले पर घेरा.

संघ पर भी उठती उंगलिया- एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी अधिकारियों ने संघ के पूर्व सरसंघचालक दिवंगत के.एस. सुदर्शन और सहसरकार्यवाह सुरेश सोनी पर सिफारिश करने का आरोप लगाया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमें किसी बात की चिंता नहीं है और इस मामले में कानून अपना काम करेगा। वहीं संघ नेता राम माधव ने घोटाले में पूर्व संघ प्रमुख सुदर्शन का नाम आने पर कहा कि आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। संघ का इससे कुछ लेना-देना नहीं है।

अपनी ईमानदार छवि के चलते लगातार तीसरी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान के लिए व्यापम घोटाला काला धब्बा बन सकता है। शिवराज के रिश्तेदारों पर सिफारिश करने का आरोप लग रहा है। शिवराज की पत्नी पर आरोप लग रहे है। अफवाहो के बाजार में चर्चाएँ जोरों पर है कि भाजपा शिवराज से इस्तीफा देने को कह सकती है। भाजपा राज मे हुए घोटाले से ये भी साफ हो गया है चाहे कांग्रेस हो या भाजपा घोटाले का काला रंग के दामन पर है।

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