सामग्री पर जाएं
Advertisements

राहुल बाबा की नींद पर बखेड़ा किस बात का ??

संसद मे चैन से सोते सोनिया के लाल

संसद मे चैन से सोते सोनिया के लाल

लोकसभा में महंगाई पर चर्चा के दौरान राहुल बाबा का सिर लटकाकर सो जाना लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे बड़ी घटना है। मेरा मानना है कि इससे राहुल ने हमें कई गहरे संदेश देने की कोशिश की है, जिनको हमें समझना होगा।

वह काफी समय से युवाओं से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि सोने की ताजा वारदात को उसी रूप में देखना चाहिए। नौ जुलाई की दोपहर को बाबा सदन में सोते पाए गए, जबकि उससे एक रात पहले जर्मनी-ब्राजील का सेमीफाइनल था। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फुटबॉल वल्र्ड कप को लेकर जैसी दीवानगी युवाओं में देखी गई, उसके बाद बाबा युवाओं को संदेश देना चाहते थे कि वह भी उनमें से एक हैं। गरीब के घर रोटी खाने तक तो ठीक है, मगर उसके घर फुटबॉल देखने जाना शायद शोभा नहीं देता। लिहाजा बीच कार्यवाही में झपकी लेकर उन्होंने यह साबित करने की कोशिश की कि बाकी युवाओं की तरह वह भी फुटबॉल प्रेमी हैं और उनकी ही तरह साढ़े तीन बजे रात तक जागकर वह भी ब्राजील और जर्मनी का मैच  देख रहे थे।

जानकारों का मानना है कि जिस मुद्रा में राहुल गांधी सदन में सोए, उससे यह साबित हो गया कि वह भी आम आदमी हैं। उनके मुताबिक, रोडवेज की बसों में सोने का अनुभव रखने वाला आदमी ही सदन में ऐसे सो सकता है। उसे पता होता है कि बगल में बैठे आदमी का सहारे लिए बिना वह किस डिग्री तक सिर नीचे गिरा सकता है और कैसे झटका लगने पर बिना कॉन्फिडेंस गंवाए उसे पुरानी पोजिशन में लाकर फिर से सोना जारी रख सकता है। मुमकिन है कि इस तरह लोकसभा में सोकर बाबा देशवासियों को यह संदेश देना चाहते थे कि वह भी आम आदमी हैं और रोडवेज में सफर करते हैं।

और आखिरी यह कि बाबा चाहते हैं कि कांग्रेसी बात-बात पर सदन में हंगामा न करें। अब यह बात वह मुहजबानी समझाते तो किसी को समझ न आती, इसलिए सबको अनुशासन में लाने के लिए वह चुपचाप सो गए। क्योंकि इतना तो उन्हें भी पता था कि एक बार अगर वह सो गए, तो कोई भी कांग्रेसी कतई शोर नहीं मचाएगा।

राहुल बाबा की पार्टी पहले ही गर्त मे जा चुकी है, 1984 मे रिकार्ड 400 से ज्यादा सीटें जीतने वाले कांग्रेस को राजीव के ही सगे बेटे राहुल की वजह से मुँह छुपाना पड़ रहा है। भाजपा ने तो सिर्फ चुनाव मे राहुल बाबा की बेवकूफियों को ढाल बनाकर कांग्रेस की पतलून उतारी थी। आजकल तो कांग्रेस के अंदर से राहुल बाबा के खिलाफ अवाजें उठने लगी है। लगता है चुनावों के दर्दनाक घाव से हर कोई बदहोश होकर मचल रहा हो। पर राहुल बाबा की झपकी से राहुल के कट्टर विरोधियों को एक और हथियार मिल गया है।

अब राहुल भी क्या करें सदन मे कार्यवाही होती भी कुछ पकाओ अंदाज मे है। कोई नेता अगर शोर-गुल ना करे तो खुद सभापति भी घंटो की नींद मे चले जाये। राहुल बाबा ने अपनी सरकार में कोई कानून लाकर अगर संसद के कामकाज को लेटेस्ट बना दिया होता तो शायद आज इस झपकी के चलते राहुल की थू-थू ना हो रही होती।

राहुल बाबा भी तो आम इंसान है, लोकसभा टी.वी. की गिरती टी.आर.पी. और नेताओं के मनोरंजन को ध्यान मे रखते हुए सरकार को जरूरी बदलाव तुरंत करने चाहिए। वरना कल ये ना हो कि नेताओं के शोर-गुल से रोशन रहने वाली संसद कल उनके खर्राटों से गुलजार हो। राहुल बाबा तो बड़े चेहरे है उनकी टांग हर कोई खींच रहा है लेकिन रोज जो सेकड़ो नेता सदन को अपना निद्रा कक्ष बना लेते है उस पर कोई कुछ नहीं कहता, ये तो सरासर नाइंसाफी है राहुल बाबा के साथ।

मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए राहुल बाबा की नींद पर चुटकी लेने वालों को उनसे तत्काल माफी मांग लेनी चाहिए। वैसे भी नेता ही अगर एक दुसरे का मजाक उड़ायेंगे तो जनता के नेताओं के मजाक उड़ाने के अधिकार का क्या होगा।

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

w

Connecting to %s

%d bloggers like this: