सामग्री पर जाएं
Advertisements

मोदी साहब की किरकिरी करवाते अपने ही नेता

विवादित बयानों से कठघरे मोदी सरकार

विवादित बयानों से कठघरे मोदी सरकार

कांग्रेस की जबरदस्ती की सरकार को गये हुए दो महिने बीत चुके है। कांग्रेस के दस साल के कामकाज से दु:खी जनता ने अपना गुस्सा निकालते हुए कांग्रेस को मुँह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा। अब आयी है सपनों के स्वर्ण यान पर सवार होकर मोदी सरकार। दो महिनें मे जो फूर्ती मोदी सरकार ने दिखाई उससे जनता ने भी अच्छे दिनों की तैयारी शुरू कर दी है।

लेकिन इतना सब के बीच कुछ गलत भी हो रहा है, कांग्रेस के खिलाफ उसके काम से ज्यादा उसके नेताओँ के उल जलूल बयानबाजी को लेकर जनता में जबरदस्त गुस्सा था। अच्छे दिनों की गारंटी देकर सत्ता की चौखट तक पहुँची मोदी सरकार भी अब अपने नेताओं बेलगाम बोल से चिंतित है। एक महाराज गोवा से है, उन्होनें गोवा की विधानसभा मे बोलते हुए मंत्री दीपक धवलीकर की जुबान कुछ यूं फिसली कि ऐसा बयान दे डाला जिस पर विपक्ष ने बवाल खड़ा कर दिया।

चुनाव में भाजपा की जीत पर मोदी को धन्यवाद देने के प्रस्ताव पर बोलते हुए राज्य विधानसभा में भाजपा के गोवा मे सहयोगी दल के नेता धवलीकर ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि मोदीजी के नेतृत्व में भारत हिंदू राष्ट्र के रुप में विकसित होगा। जैसा कि मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री इस दिशा में काम करेंगे।’ धवलीकर बंधु सुदीन और दीपक भाजपा की सहयोगी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी से जुडे हैं और मनोहर पार्रिकर सरकार में मंत्री हैं।

प्रदेश के परिवहन मंत्री सुदीन धवलीकर ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, ‘गोवा के बीचों पर बिकनी पहनने पर पाबंदी होनी चाहिए.’ हालांकि सुदीन ने बाद में अपनी इस टिप्पणी को वापस ले लिया था। लेकिन मोदी सरकार के अच्छे दिनो की तरफ बढ़ते कदमों के बीच भाजपा की आलोचना का मौका ढुँढ़ते विपक्ष के नेता मौका देखकर चौक्का जरूर लगा गये।

इसके अलावा शिवसेना सांसदो ने तो ऐसी करतूत को अंजाम दिया, जिसपर विपक्ष का सेकूलरिज्म भी नींद से जाग गया। महाराष्ट्र सदन मे खाने की क्वालिटी से नाराज नेताजी ने जबरदस्ती मेस के मैनेजर को रोटी खिलाने की कोशिश की। नेताजी का दुर्भाग्य कहे या विपक्ष को शिवसेना पर बरसने के लिए ऊपर वाले का दिया मौाक, मैनेजर निकला मुस्लिम जो कि रोजे पर था। वैसे तो जैसे ही नेताजी को पता चला कि वो बंदा रोजे पर है वैसे ही नेताजी रोटी का टुकड़ा हटा लिया। लेकिन इस मामले की वीडियो मीडिया मे लीक होने के बाद विपक्ष ने संसद मे बखेड़ा खड़ा कर दिया। भाजपा नेताओं ने खुद इस दुर्व्यवहार को नींदनीय करार दिया। लेकिन शिवसेना ने अपने सांसद का ये कहते हुए बचाव किया कि उसे नहीं पता था कि वो आदमी मुस्लिम है। शिवसेना ने इस अनजाने में की गयी गलती बताया। लोकसभा मे मचे घमासान के बाद शिवसेना के सांसद ने सफाई दी जिसके बाद मामला थोड़ा शांत पड़ा। लेकिन फिर से प्रभाव सीधा मोदी पर पड़ा।

ताजा मामले में तेलंगाना से बीजेपी नेता के लक्ष्मण ने सानिया मिर्जा का ये कहते हुए तेलंगाना राज्य का ब्रांड एम्बेस्डर बनाये जाने का विरोध किया कि अब सोनिया पाकिस्तान की बहू हो चुकी है और ऐसे मे ये सम्मान देना टीआरएस का दोहरा मापदंड है जो खुद लोकल और बाहरी की बात करते है। राज्य विधानसभा में भाजपा नेता के लक्ष्मण ने बुधवार को सानिया को तेलंगाना का एम्बेसेडर बनाने का विरोध किया था। उन्होंने यह आरोप लगाया कि हैदराबाद नगर निगम के चुनावों में अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए तेलंगाना राष्ट्र समिति ने यह कदम उठाया है। लक्ष्मण ने सानिया के महाराष्ट्र में जन्म लेने और बाद में आंध्र प्रदेश आने की बात कहते हुए सवाल उठाया कि सानिया ने जब पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी की है तो सरकार सानिया को यह सम्मान कैसे दे सकती है? इसके बाद भाजपा नेताओं समेत तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता के हनुमंत राव ने भी इस कदम पर सवाल उठाया था।

भाजपा नेता के इस बयान पर खूब हंगामा हो रहा है। खुद भाजपा के नेता भी इस बयान की निंदा कर रहे है। भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो लक्ष्मण के बयान की निंदा करते है और सानिया भारत का गौरव थी और हमेशा रहेंगी। कांग्रेस से लेकर विपक्ष के सारे राजनीतिक दलों ने इस बयान की तीखी आलोचना की। मोदी के द्वार भाजपा के नेताओ को दी गयी सलाह धरी की धरी रह गयी, जिसके चलते विपक्ष के रडार पर सीधे भाजपा आ गयी। खुद सानिया मिर्जा ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की, भारत से कभी ना खत्म होने वाले अपने रिश्ते, प्यार और लगाव को शब्दो मे बयां करने की कोशिश की।

नये नवेले सांसद और आते ही मंत्री बने वीके सिंह भी सेनाध्यक्ष की नियुक्ति पर सवाल उठाने के बाद विवादों मे आ गये थे। मोदी सरकार ने यूपीए द्वारा की गयी नियुक्ति पर कोई दिक्कत नहीं जाहिर की थी, ऐसे मे रक्षा मंत्रालय से अलग विदेश मंत्रालय मे राज्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे वीके सिंह के बयान पर हंगामा तो खड़ा होना ही था।

रेप पर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री द्वार दिया बयान भी विवादों मे रहा। मध्य प्रदेश मे व्यापमे घोटाले से भी भाजपा की किरकिरी हुई। घोटाले पर आते गैर-जिम्मेदारना बयानों से भाजपा का खूब मखौल उड़ा।

मोदी सरकार के आने के बाद भाजपा नेताओं के ये बयान बिल्कुल उसी तरह जैसे कि यूपीए सरकार मे कांग्रेस और उसके सहयोगी दल के नेताओं के हुआ करते थे। साफ है जीत का नशा है उतरने मे देर तो लगेगी। पर इतनी देर ना हो जाये कि मोदी सरकार के काम के जरिए जड़े चौक्को और छक्कों पर इस तरह की बयानबाजी विकेट लेने वाली गेंद ना बन जाये।

 

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: