सामग्री पर जाएं
Advertisements

मुंबई दर्शन – मायानगरी की मोहमाया

देश के चार महानगरों में से एक मुंबई में घुमने के लिए बहुत कुछ है। अगर आप मुंबई में आप कहीं घूमना चाहते हो और आपको वहाँ के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो यहाँ देख सकते हैं मुंबई के टॉप टूरिस्ट प्लेस जो आपको बहुत पसंद आयेंगे ।

 

1- गेटवे ऑफ इंडिया

Gateway-of-India

गेटवे ऑफ इंडिया अब मुम्‍बई शहर का पर्यायवाची बन गया है। यह मुम्‍बई का सबसे अधिक प्रसिद्ध स्‍मारक है और यह शहर में पर्यटन की दृष्टि से आने वाले अधिकांश लोगों का आरंभिक बिन्‍दु है। गेटवे ऑफ इंडिया एक महान ऐतिहासिक स्‍मारक है, जिसे देश में ब्रिटिश राज के दौरान निर्मित कराया गया था। यह पंचम किंग जॉर्ज और महारानी मेरी के मुम्‍बई (तत्‍कालीन बंबई) आगमन के अवसर पर उन्‍हें सम्‍मानित करने के लिए बनाया गया विशाल स्‍मारक था। गेटवे ऑफ इंडिया का निर्माण अपोलो बंदर पर कराया गया था जो मेल जोल का एक लोकप्रिय स्‍थान है। इसे ब्रिटिश वास्‍तुकार जॉर्ज विटेट ने डिजाइन किया था।

………………………………………………………………………

2. छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन

Chhatrapati.Shivaji.Terminus.original.994

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पूर्व में जिसे विक्टोरिया टर्मिनस कहा जाता था, एवं अपने लघु नाम वी.टी., या सी.एस.टी. से अधिक प्रचलित है। यह भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई का एक ऐतिहासिक रेलवे-स्टेशन है, जो मध्य रेलवे, भारत का मुख्यालय भी है। यह भारत के व्यस्ततम स्टेशनों में से एक है, जहां मध्य रेलवे की मुंबई में, व मुंबई उपनगरीय रेलवे की मुंबई में समाप्त होने वाली रेलगाड़ियां रुकती व यात्रा पूर्ण करती हैं।

…………………………………………………………………….

3. सिद्धिविनायक मंदिर

place-to-visit-in-mumbai_3

सिद्घिविनायक गणेश जी का सबसे लोकप्रिय रूप है। गणेश जी जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाईं तरह मुड़ी होती है, वे सिद्घपीठ से जुड़ी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं। कहते हैं कि सिद्धि विनायक की महिमा अपरंपार है, वे भक्तों की मनोकामना को तुरंत पूरा करते हैं। मान्यता है कि ऐसे गणपति बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं और उतनी ही जल्दी कुपित भी होते हैं।

मुंबई में ईश्वर दर्शन के लिए कुछ और मंदिर

मुंबादेवी

sri-mumba-devi-temple_1412576122

महालक्ष्मी मंदिर

mahalaksmi

…………………………………………………………………………..

4. मैरीन ड्राइव

place-to-visit-in-mumbai_2

मरीन ड्राइव मुंबई में 1920 में निर्मित हुआ था। यह अरब सागर के किनारे-किनारे, नरीमन प्वाइंट पर सोसाइटी लाइब्रेरी और मुंबई राज्य सेंट्रल लाइब्रेरी से लेकर चौपाटी से होते हुए मालाबार हिल तक के क्षेत्र में है। मरीन ड्राइव के शानदार घुमाव पर लगी स्ट्रीट-लाइटें रात्रि के समय इस प्रकार जगमाती हैं कि इसे क्वीन्स नैकलेस का नाम दिया गया है। रात्रि के समय ऊंचे भवनों से देखने पर मरीन ड्राइव बहुत बेहतरीन दिखाई देता है।

समंदर किनारे कुछ और जगह

Juhu Beach

juhu-beach_5350710_l

Gorai Beach

gorai-beach

Aksa Beach

aksa-beach

Versova beach

versova-beach

Girgaum Chowpatty Beach

chowpatty-beach

Dadar Chowpatty Beach

dadar-chowpatty-beach

Madh Island Beach

madh-island-beach

……………………………………………………………………

5- हाजी अली दरगाह

Haji-Ali1

हाजी अली की दरगाह मुंबई के वरली तट के निकट स्थित एक छोटे से टापू पर स्थित एक मस्जिद एवं दरगाह हैं। इसे सय्यद पीर हाजी अली शाह बुखारी की स्मृति में सन १४३१ में बनाया गया था। यह दरगाह मुस्लिम एवं हिन्दू दोनों समुदायों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। यह मुंबई का महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थल भी है।
दरगाह को सन १४३१ में सूफी संत सय्यद पीर हाजी अली शाह बुखारी की स्मृति में बनाया गया था। हाजी अली ट्रस्ट के अनुसार हाजी अली उज़्बेकिस्तान के बुखारा प्रान्त से सारी दुनिया का भ्रमण करते हुए भारत पहुँचे थे।

…………………………………………………….

6- एस्सेल वर्ल्ड

EsselWorld

मुंबई में सबसे पहले मनोरंजन पार्क की शुरुआत 1989 में जी ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा ने एस्सेलवर्ल्ड के रूप में की। फिर यहीं 1999 में वॉटर किंगडम की शुरुआत हुई। शहर से काफी दूर और महँगा होने के बावजूद 68 एकड़ में फैले इस थीम पार्क में कई ऐसे आकर्षण हैं जो बच्चों और बड़ों को अपनी ओर खींचते हैं।

यहाँ 79 तेज और रोमांचक झूले हैं। इनकी अलग विशेषताएँ हैं। बच्चों के लिए बिग एप्पल, कैटरपिलर, हैप्पी स्काई, जूनियर डोजेम आदि खेल हैं। डरावना होटल, आइस स्केटिंग और आईएनएस ऐसे दूसरे खेल हैं जो बच्चों को…

………………………………….

7- बान्द्रा-वर्ली समुद्रसेतु

Bandra-Worli-Sea-Link

बांद्रा-वर्ली समुद्रसेतु (आधिकारिक राजीव गांधी सागर सेतु) ८-लेन का, तार-समर्थित कांक्रीट से निर्मित पुल है। यह बांद्रा को मुम्बई के पश्चिमी और दक्षिणी (वर्ली) उपनगरों से जोड़ता है और यह पश्चिमी-द्वीप महामार्ग प्रणाली का प्रथम चरण है। १६ अरब रुपये (४० करोड़ $) की महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम की इस परियोजना के इस चरण को हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा पूरा किया गया है। इस पुल का उद्घाटन ३० जून, २००९ को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन प्रमुख श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा किया गया लेकिन जन साधारण के लिए इसे १ जुलाई, २००९ को मध्य-रात्रि से खोला गया। साढ़े पांच किलोमीटर लंबे इस पुल के बनने से बांद्रा और वर्ली के बीच यात्रा में लगने वाला समय ४५ मिनट से घटकर मात्र ६-८ मिनट रह गया है। इस पुल की योजना १९८० के दशक में बनायी गई थी, किंतु यह यथार्थ रूप में अब जाकर पूर्ण हुआ है।

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: