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होली तो होली है लेकिन ब्रज वाली अलग है

होरी खेले रे रघुवीरा ब्रज में होरी खेले रघुवीरा

होली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार है। हिंदु धर्म में दो ही त्यौहार सबसे ज्यादा माने जाते हैं। पहला होली जो कि रंगों का त्यौहार है दूसरा दिपावली जो कि दीप यानि रोशनी का त्यौहार है। होली पूर्णिमा को मनाया जाता है यानि इस दिन चांद पूरा होता है जबकि दिपावली अमावस्या को मनाया जाता है जिस दिन चांद नहीं होता और दीपों का उजाला पूरी दुनिया को रोशन करता है।

भारत के हर कोने में होली खेली जाती है लेकिन कुछ खास जगह हैं जहां कि होली विश्व प्रसिद्ध और बहुत ही भव्य होती हैं। मुथरा के पास बरसाने की होली दुनिया भर में जानी जाती है। मथुरा भारत में हिंदुओं के सबसे बड़े धार्मिक स्थानों में से एक है। श्रीकृष्ण की जन्म स्थान के साथ आजकल यहां पर देश-विदेश के लोग यहां के भव्य मंदिर भी देखने पहुंच रहे हैं। वृंदावन में बना प्रेम मंदिर भी उनमें से एक है। लेकिन मथुरा की होली भी आजकल दुनिया भर का आकर्षण बनी हुई है। बरसाना से लेकर वृदावन तक होली के रंग में डूबने लाखों लोग यहां आते हैं।

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फोटो-ट्वीटर

सालों से राधारानी के गांव बरसाना में लट्ठमार होली की प्रथा रही है। नंदगांव से ग्वाले हर साल बरसाना जाते है जहां बरसाना की राधारानी की सहेलियां उनके साथ लट्ठमार होली खेलते हैं। कहा जाता है भगवान कृष्ण की जन्मभूमि बृज में होली के पंद्रह दिन पहले और पंद्रह दिन बाद तक होली खेली जाती है। देश से लाखों लोग बरसाना की इस मैजिकल होली का लुत्फ लेने बरसाना पहुंचते हैं। विदेश से भी पर्यटक इस शानदार अनुभव का हिस्सा बनने पहुंचते हैं। होली के महीने में बरसाने से लेकर वृदावन और मथुरा तक पर्यटक बड़ी तादाद में पहुंचते हैं।

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फोटो-फेसबुक

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर की होली भी अपने आप में अलग है। रंगों से भरा मंदिर का आंगन और अबीर गुलाल से नहाए हुए लोग। बरसाना और वृंदावन की होली सच में जादुई होती है जहां पहुंचने के बाद हर कोई रंगों में खो जाता है ना कोई दुख रहता है ना कोई चिंता रहती है बस भक्ति और गुलाल में डूबा कान्हा का धाम होता है।

विदेशों में भी इन दिनों वृंदावन और बरसाना की होली की तस्वीर शेयर की जा रही है।

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विदेशी पर्यटक की ट्वीटर पर शेयर की गई तस्वीर

मथुरा का द्वारिकाधीश मंदिर भी होली के रंग में डूबा होता है। वृंदावन और बरसाना की तरह यहां भी हवा में गुलाल होता है और चेहरों पर भी, लेकिन सबके मन में होती है भगवान कृष्ण की भक्ति।

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मथुरा में अगर आप है तो इन सभी जगहों तक असानी से पहुंच सकते हैं। आपकी अपनी टैक्सी है तो सही नहीं है तो भी मथुरा वृंदावन के बीच टैम्पो की अच्छी कनेक्टेविटी है। मथुरा से आसानी से वृंदावन और मथुरा से आसान से बरसाना जा सकते हैं।

मथुरा का महत्व तो वैसे शब्दों में बताया नहीं जा सकता है। भगवान कृष्ण की श्रद्धा और उनकी भक्ति में डूबने के लिए लोग यहां आते हैं लेकिन होली पर भक्ति के साथ गुलाल में डूबने का अलग ही मजा है। मथुरा दुनिया में अब अपनी होली के मशहूर हो रहा है और इस प्रसिद्धि का फायदा यूपी सरकार का भी उठाना चाहिए है। पर्यटन विभाग को मथुरा और आसपास के तीर्थ स्थलों को विकसित करना चाहिए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अतिथि देवो भव वाले भारत का अनुभव मिल सके।

भारत में कई ऐसे शहर जो दुनिया की राजनीतिक राजधानी बन सकते हैं लेकिन विकास के अभाव में वो हिंदू बहुल देश में ही उनको अपनी असली पहचान नहीं मिल रही है। मथुरा में भी अगर परिवहन के साधन सही हो मेट्रो की सुविधा हो तो मथुरा की चमक अलग हो सकती है। यहां कि होली में विकास का रंग मिलना भी जरूरी है।

Feature image courtesy-Instagram @looknaks (https://www.instagram.com/looknaks/?hl=en)

photo courtesy

 

 

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