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दलितों के भारत बंद में जला भारत-राजनीति के लिए कब तक होगी हिंसा ?

दलितों के खिलाफ अपराध रोकने के लिए बने एससी एसटी एक्ट को लेकर देशभर में दलित संगठनों के बुलाए भारत बंद को लेकर उत्तर भारत के राज्यों में जमकर हिंसा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने निर्दोषों को एससी एसटी एक्ट की कठोर धाराओं से बचाने के लिए कुछ जरूरी बदलाव किए है जिससे कानून के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।

फोटो-ट्वीटर

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद में हुई हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है हालांकि केंद्र सरकार की मंशा संदेह के घेरे में है। क्यों सरकार ने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने में देरी की? क्या सरकार नहीं जानती थी कि भारत बंद प्रदर्शन हिंसक हो सकता है या सरकार एक्शन के रिएक्शन का इंतजार कर रहे थे ?

आम बंद के उलट दलितों के भारत बंद में जमकर हिंसा हुई। उत्तर भारत के राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, हरियाणा, झारखंड में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। सरकारी संपत्ति, प्रशासन के साथ आम लोगों को भी निशाना बनाया गया जिससे दहशत का माहौल भी बना रहा।

हिंसा के बीच काफी जगह गोलियां भी चली और दलित प्रदर्शनकारियों ने जमकर फायरिंग की। न्यूज एजेंसी ANI के ट्विटर एकाउंट पर ये वीडियो ग्वालियर में हिंसा के दौरान का है।

प्रशासन पर काफी सवाल उठे हैं लेकिन कुछ जगह पर उपद्रवी प्रदर्शनकारियों को पुलिस सबक भी सिखाया। नीचे ANI के ट्वीट में वीडियो देखिए जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हो रहा है।

हिंसा में कुछ लोगों ने गैर दलितों के शामिल होने का भी आरोप लगाया जिसके साक्ष्य के तौर पर दो तस्वीर शेयर की गई है जिसमें एक लड़का दलित बंद में है और दूसरी तस्वीर करणी सेना के पद्मावती के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा का बताया जा रहा है।

हालांकि राज्य सरकारों और केंद्र सरकारों पर सवाल उठने लाजिमी है कि कैसे हिंसा को समय पर नहीं रोका गया जिसकी वजह से कुछ लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। फिल्म नायक का दृश्य भी यहां जीवित हो जाता है जहां मुख्यमंत्री वोट बसनक बचाने के चक्कर में हिंसक प्रदर्शनकारियों पर एक्शन ना लेने को कहता है।

जाट आरक्षण आंदोलन, गुर्जर आरक्षण हिंसा, पद्मावती फिल्म पर हुई हिंसा, बाबा गुरमीत राम रहीम की सजा के एलान पर हुई हिंसा, कावेरी जल विवाद पर हिंसा, पटेल आरक्षण पर हिंसा, साम्प्रदायिक तनाव पर हिंसा और ना जाने कैसे कैसे मामले हैं सबमें वोटबैंक की सियासत बड़ा रोल अदा करती है।

फीचर इमेज- ट्वीटर

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