सामग्री पर जाएं
Advertisements

दिल्ली में दुकानों पर चलता बुलडोजर – रोजगार को भी कुचल रही सरकार

दिल्ली में सीलिंग अभियान फिर से शुरू हुआ, कांग्रेस सरकार के दौरान विफल रहने के बाद एक बार फिर से अनाधिकृत बाजारों में अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन कई साल पुराने बाजारों में अब क्यों अचानक से सीलिंग अभियान चलाया जा रहा है।

वजह है सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जिसमें सालों से रुका पड़ा सीलिंग अभियान फिर से शुरू हो गया है।

अब ये देखिए दिल्ली की उत्तरी क्षेत्र में हडसन लेन में बड़ी बड़ी नामी गिरामी दुकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर।

पहले तस्वीर हडसन कैफे की है, प्रशासन का बुल्डोजर यहां भी चला।

अब ये वीडियो देखिए, नामी पीसी ज्वैलर्स को भी सीलिंग में राहत नहीं मिली।

इस इलाके में स्थित सभी दुकानें,कैफे, शोरूम आज के नहीं खुले हैं, कई साल पहले खुले थे यानि कई दशक पहले भी हो सकते हैं।

मशहूर पिज्जा हट भी प्रशासन के बुल्डोज़र का शिकार बना।

इन सबके बीच फेसबुक पर पोस्ट की गई इन सभी वीडियो के साथ मीडिया पर भी दिल्ली के व्यापारियों के मुद्दों को दरकिनार करने का आरोप लगाया गया है।

“Some Glimpses of Demolition today at Hudson Lane North Delhi..No media is showing this..waa re BJP gaon mei bijli aa gyi to headlines pe aur Established traders ki haalat kharaab karne ke baad bhi Media ko kya ghutti pilayi ke itna kuch ho raha aur wo cover nahi karte”

यहां बीजेपी पर भी गुस्सा खूब उतारा गया है, क्योंकि वो दावा कितना ही कर ले कि दिल्ली सरकार स्थिति के लिए जिम्मेदार है लेकिन लोग समझते सब हैं। किस तरह बीजेपी केंद्र में दिल्ली के मुद्दों पर आंख मुंदे बैठी है।

इस एक पोस्ट में दिल्ली के कारोबारियों लजे पूरा दर्द छुपा है। सरकारें आई और सेटिंग करके अपनी आंखें बंद करके बैठ गईं। लेकिन वोटबैंक से ऊपर उठकर काम कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने फिर से सीलिंग अभियान शुरू करवाया।

लेकिन बड़ा सवाल है कि बिना किसी दूसरे विकल्प के सीलिंग क्या इन व्यापारियों और इनके श्रमिकों के साथ नाइंसाफी नहीं है।

भारत सरकार और दिल्ली सरकार इस मामले पर साथ आए और कोई ठोस उपाय सोचें। फिलहाल मामले पर राजनीति ज्यादा हो रही है और दिल्ली व केंद्र सरकार में बैठी आम आदमी पार्टी और बीजेपी एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

सीलिंग विवाद के बीच कई लोगों की रोजी रोटी दांव पर है। और इस विवाद का स्थायी हल जरूरी है।

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

w

Connecting to %s

%d bloggers like this: